*कानपुर-फरुखाबाद रेल रूट पर बर्राजपुर शिवराजपुर स्टेशन की घटना
सात समन्दर पार से भारत दर्शन के लिए आए विदेशी मेहमानों से टे्रन में शारीरिक छेड छाड की गई। जिससे महिला पर्यटकों के कपड े फट गए और उनके साथ चल रहे साथियों में अफरातफरी मच गई। रोजाना टे्रन में चलने वाले शोहदों ने भारतीय संस्कृति और मेहमाननबाजी को तार-तार कर दिया। घटना के बाद विदेशी पर्यटको के आंखों में आंसू झलक आए लेकिन दबंग शोहदों के सामने किसी भी यात्री ने कुछ भी विरोध करने की हिम्मत नही जुटा पाई। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक गाड ी में अत्यधिक भीड से आम यात्रियों के साथ रोजाना इस तरह की घटना कोई नई बात नही है।जानकारी के अनुसार बीते बुधवार की शाम ७बजे कानपुर-फरुखाबाद रेल मार्ग पर गाडी संखया ५५३२७ में कानपुर सेन्ट्रल से विदेशी पर्यटकों का एक प्रतिनिध मंडल बोगी संखया ०८४२५ में सवार हुआ। पैसेन्जर गाड़ी जब अनवरगंज से छूटकर रावतपुर पहॅुची तो शोहदों के एक बड ी जमात विदेशी मेहमानों के आस-पास जबरन बैठने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ दबंग लड कों ने कुछ उम्रदराज मेहमानों को धक्का देकर खड ा कर दिया और महिला पर्यटकों से चपक कर बैठने लगे। भीड अधिक होने के कारण लगभग २५ लाोगों का मेहमान दस्ता कु छ नही समझ पाया। शोहदों ने सोची समझी रणनीति के तहत कल्याणपुर स्टेशन पर पूरी बोगी की प्रकाश व्यवस्था ठप कर दी और अश्लील हरकते चालू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ लड के मोबाइल पर अश्लील फोटो, फिल्म का सार्वजनिक प्रदर्शन कर रहे थे तो कुछ तेज-तेज गाली गलौज।अंधेरी बोगी में विदेशी मेहमाने बार-बार सेक्योरिटी के लिए काल कर रहे थे लेकिन उनकी सुनने वाले कोई नही थी। धक्का-मुक्की के कारण कई बार मेहमानों ने विरोध किया लेकिन उनकी बात नही सुनी गई; जब गाड ी बर्राजपुर शिवराजपुर खड ी हुई तो आधा दर्जन से अधिक लड कों ने महिला मेहमानों से शारीरिक छेड छाड आरंभ कर दी। जिससे पूरी बोगी में हड कंप मच गया। प्रतिनिधि मंडल के बच्चे तेज-तेज से रोने लगे। जब तक कुछ समझ पाते तभी खिड की के पास बैठी एक नवयुवती से कुछ युवकों ने बाहर से जाकर रेगती गाड ी में खींचतान शुरू कर दी। जिससे उनके कपड े फट गए और वो रोने लगी। बोगी में अंधेरा होने के कारण क्षेत्रीय लोगों ने तो छेड छाड करने वाले युवकों की पहचान कर ली लेकिन छेड छाड से दहशत में आए मेहमान किसी को भी पहचान नही सके।इस रूट पर यह अंतिम गाड़ी होने के कारण इसमें ही सर्वाधिक उक्त रूट के गांवों आने वाले लेबर, निजी कर्मचारी, छात्र आदि इसी से घर वापसी करते हैं जिस कारण इसमें तय मानको से अधिक भीड हो जाती है। रोजाना चलने वालों दैनिक यात्रियों के गाड ी में अधिक भीड होने के कारण लड कियों और महिलाओं से छेड छाड आम बात है। शिकायत के बावजूद रेल प्रशासन गाडि यों में सुरक्षा कोई समुचित व्यवस्था नही करता है कुछ गाडि यों में सुरक्षा के नाम पर दो-तीन सिपाही गार्ड के डिब्बे में बैठे रहते हैं बस।छेड छाड करने वाले युवकों के नाम बताने की बात पर यात्री ने कहा की हमें तो रोज चलना है नाम नही बता सकते हॉ सारे युवक बर्राजपुर शिवराजपुर स्टेशन के थे। सभी लडके गु्रप में सवार होते हैं और ऐसी घटनाओं को अंजाम देते है। बीते माह ऐसे ही कुछ लड कों ने सेना के एक अधिकारी से मारपीट की थी।इस संबंध में बिल्हौर एसओ से बात नही सकी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें